स्राइल और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य और खुफिया ठिकानों पर हमला किया है। हमले की शुरुआत इस्राइल की ओर से की गई, जिसके बाद अमेरिकी वायुसेना की कार्रवाई की भी पुष्टि हुई।
सुबह करीब 11:30 बजे हमले की पहली जानकारी सामने आई। इसके बाद इजरायली रक्षा बल (IDF) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि पूरे देश में साइरन बजाए गए हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने की सलाह दी गई है।
तेहरान समेत कई शहर निशाने पर
द न्यूयॉर्क टाइम्स और शार्घ की रिपोर्ट के मुताबिक हमले का केंद्र तेहरान और आसपास का क्षेत्र रहा।
बताया गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के ठिकाने के पास भी धमाका हुआ।
तेहरान के अलावा जिन शहरों में हमले की खबर है:
कॉम
इशफान
करमनशाह
कराज
लोरेस्तान
हमले में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के खुफिया निदेशालय को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी है।
दोनों देशों ने बंद किया एयरस्पेस
हमलों के बाद इस्राइल ने आपातकाल घोषित कर अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और संभावित मिसाइल हमले को लेकर नागरिकों को अलर्ट किया है।
वहीं ईरान ने भी एयरस्पेस बंद कर दिया है। रॉयटर्स के अनुसार खामनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। ईरान की ओर से अब तक जवाबी मिसाइल हमला नहीं हुआ, लेकिन जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
पूरे पश्चिम एशिया में तनाव
अल जज़ीरा के मुताबिक कतर स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
इराक ने भी स्थिति को देखते हुए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर जारी वीडियो में कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य “ईरानी शासन से पैदा खतरे को खत्म करना और अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना” है।
सूत्रों के मुताबिक अमेरिका को भी हमले में नुकसान हुआ है। वहीं अमेरिकी सैन्य प्रमुखों में शामिल जनरल डैन केन ने पहले ही संभावित युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की चेतावनी दी थी।
@MUSKAN KUMARI







