280 से अधिक झोपड़ियां जलीं, 1000+ लोग बेघर; दो मासूमों की मौत, कई परिवार सड़क पर
लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम भीषण आग ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा शहर दहल उठा। झुग्गी बस्ती में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और गैस सिलेंडरों के लगातार धमाकों ने हालात को और भयावह बना दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं और लोगों को अपना सामान बचाने तक का मौका नहीं मिला। सिलेंडरों के एक के बाद एक फटने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस भीषण अग्निकांड में 250 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, जबकि 1000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए। अधिकतर प्रभावित लोग मजदूर वर्ग से हैं, जिनकी जिंदगी की पूरी कमाई कुछ ही घंटों में खाक हो गई।
हादसा और दर्दनाक तब हो गया जब मलबे से दो मासूम बच्चियों के शव बरामद हुए। कई मवेशी भी आग की चपेट में आकर झुलस गए।
दमकल विभाग की 20 से अधिक गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के घर खाली कराए और बिजली सप्लाई बंद कर दी। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
सरकार ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर और सहायता की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। वहीं, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर घनी आबादी वाली झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा इंतजामों और गैस सिलेंडरों के जोखिम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
@MUSKAN KUMARI







