बिहार का विश्वप्रसिद्ध जर्दालु आम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम के 134वें संस्करण में भागलपुर के जर्दालु आम का विशेष उल्लेख करते हुए उसकी गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जर्दालु आम अपनी अनूठी खुशबू और आकर्षक रंग-रूप के कारण अन्य किस्मों से अलग पहचान रखता है। उन्होंने किसानों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के गांवों में तैयार होने वाले ऐसे उत्कृष्ट उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में उगाया जाने वाला जर्दालु आम अपनी प्राकृतिक सुगंध के लिए देश और विदेश में प्रसिद्ध है। पूरी तरह पकने पर इसका रंग सुनहरा-पीला और हल्का सिंदूरी हो जाता है। इसकी विशेष खुशबू इसे अन्य आमों से अलग बनाती है।
जर्दालु आम का गूदा बेहद मुलायम और लगभग रेशारहित होता है। इसकी गुठली पतली होने के कारण फल का अधिकांश हिस्सा स्वादिष्ट गूदे से भरा रहता है। यही वजह है कि यह आम उपभोक्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय है।
जर्दालु आम को प्राप्त है, जिसने इसकी पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया है। बिहार सरकार हर वर्ष चयनित जर्दालु आम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश को उपहार स्वरूप भेजती है। वहीं के सहयोग से यह आम लंदन, दुबई, बहरीन और बेल्जियम सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में उल्लेख किए जाने के बाद जर्दालु आम की मांग में और वृद्धि हो सकती है। इससे भागलपुर और अंग क्षेत्र के हजारों किसानों को बेहतर बाजार और अधिक आय मिलने की संभावना है।
@MUSKAN KUMARI





