चार्जशीट में देरी बनी वजह, POCSO समेत गंभीर धाराओं में था मामला; जांच अब भी CBI के पास
पटना के चर्चित NEET छात्रा हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। शंभु गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गुरुवार को जमानत मिल गई है। यह वही हॉस्टल है, जहां मृत छात्रा रहती थी। इस पूरे मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।
मनीष रंजन पर छात्रा की मौत से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिनमें साक्ष्य मिटाने और मामले में कथित भूमिका निभाने के आरोप शामिल हैं। पटना पुलिस ने उन्हें 14 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।
मामला नाबालिग छात्रा से जुड़ा होने के कारण इसमें पॉक्सो एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई थीं। इसके अलावा हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज किए गए थे।
इस केस में पहले भी कई बार जमानत याचिका दायर की गई थी, लेकिन फरवरी 2026 और 11-12 मार्च 2026 को अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। हालांकि, इस बार जमानत मिलने की मुख्य वजह जांच एजेंसियों द्वारा तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल न कर पाना रही।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर चार्जशीट पेश करना अनिवार्य होता है। ऐसा न होने पर आरोपी को ‘डिफॉल्ट बेल’ का अधिकार मिल जाता है, जिसका लाभ मनीष रंजन को मिला।
फिलहाल मामले की जांच जारी है, लेकिन अब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
@MUSKAN KUMARI







