मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा के बिहारशरीफ डेयरी परियोजना परिसर में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान COMFED के HPCL पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया गया। साथ ही 300 खुदरा विक्रेताओं को डीप फ्रीजर वितरित किए गए तथा पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बकरी के दूध के लिए अलग फेडरेशन बनाया जाएगा, जिससे बकरी पालकों को दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से ग्रामीण परिवारों और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दूध उत्पादन तक पहुंचना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, उन्नत नस्ल, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत डेयरी अवसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु दवाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘सुधा’ ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इसके लिए गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और निर्यात क्षमता को बढ़ाया जाएगा। साथ ही राज्यभर में नए सुधा आउटलेट, ग्रामीण हाट और दुग्ध उत्पादन समितियों के विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से बिहार में श्वेत क्रांति को नई गति मिलेगी और लाखों पशुपालकों की आय बढ़ेगी।
@MUSKAN KUMARI





