बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति का मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठा। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े सवाल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक सुर में नजर आए और स्कूल भवनों की कमी, जर्जर इमारतों तथा बच्चों के लिए पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था नहीं होने पर चिंता जताई।
राजद विधायक बोगो सिंह ने सरकार से मांग की कि जिन जगहों पर स्कूल महज दो कमरों में संचालित हो रहे हैं, वहां जमीन खरीदकर नए विद्यालय भवन बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन भवन और कक्षाओं का घोर अभाव है। भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जहां सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां सरकार जमीन खरीदकर स्कूल भवन का निर्माण कराए।
राजद विधायक रणविजय साहू ने भी कई सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अनेक विद्यालयों में न पर्याप्त भवन हैं और न ही बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था। इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जवाब दिया कि जिन स्थानों पर जमीन की समस्या है, वहां संबंधित विधायक अंचलाधिकारी (सीओ) से जमीन उपलब्धता की रिपोर्ट भेजें। जमीन उपलब्ध होने के बाद सरकार भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेगी।

राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि राज्य के कई स्कूलों में करीब 1,000 बच्चे सिर्फ दो कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की।
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हस्तक्षेप करते हुए सरकार की ओर से बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में भवन नहीं हैं या भवन से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगले छह महीने के भीतर विद्यालय भवनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में तेज़ी से काम किया जाएगा।
@MUSKAN KUMARI





