नई दिल्ली। Indian National Congress के वरिष्ठ नेता Pawan Khera को शुक्रवार को Supreme Court of India से बड़ी कानूनी राहत मिली। शीर्ष अदालत ने Assam पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक मानहानि और जालसाजी के मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sarma की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
जस्टिस J.K. Maheshwari और जस्टिस Atul Chandurkar की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हल्के में खतरे में नहीं डाला जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि पवन खेड़ा को गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें तुरंत जमानत पर रिहा किया जाए। अदालत ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने, जरूरत पड़ने पर पुलिस के समक्ष पेश होने और किसी भी सबूत से छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही बिना अदालत की अनुमति के देश छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त शर्तें लगा सकता है। इससे पहले Gauhati High Court ने खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
दरअसल, मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें पवन खेड़ा ने रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में वित्तीय हित होने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई संभावना नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे
@MUSKAN KUMARI






