गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज में चर्चित जमीन घोटाला मामले में कुचायकोट से जदयू विधायक Amrendra Kumar Pandey उर्फ पप्पू पांडेय और उनके सीए राहुल तिवारी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, जिससे इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
पूरा मामला कथित जमीन घोटाले और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि प्रभाव और रसूख का इस्तेमाल कर जमीन से जुड़े कई विवादित सौदों को अंजाम दिया गया। इसी मामले में गोपालगंज के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ वारंट जारी किया था।
वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए 14 अप्रैल को गोपालगंज, पटना और वाराणसी समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई में पुलिस ने कई संभावित ठिकानों की तलाशी ली, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका। सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपी पहले ही भूमिगत हो चुके थे।

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक Vinay Tiwari ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को विभिन्न शहरों में भेजा गया था। सीए राहुल तिवारी की तलाश में एक विशेष टीम गुरुग्राम भी भेजी गई, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली।
इस बीच कोर्ट से मिली राहत के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यह मामला सिर्फ जमीन घोटाले तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। फिलहाल यह मामला सियासत, कानून और अपराध के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
@MUSKAN KUMARI






