वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों श्रमिक, पथराव-आगजनी से हालात बिगड़े, ट्रैफिक प्रभावित
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर शुरू हुआ मजदूरों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी उग्र बना रहा। मंगलवार को भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़प हुई, जिसमें पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर वाहनों को निशाना बनाया और आगजनी की घटनाएं भी हुईं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और कई मामलों में केस दर्ज किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह आंदोलन बीते कुछ दिनों से जारी था, लेकिन सोमवार को यह अचानक हिंसक हो गया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें न्यूनतम वेतन कम दिया जा रहा है, ओवरटाइम का उचित भुगतान नहीं मिलता और कामकाजी परिस्थितियां भी खराब हैं।
मंगलवार को भी फेज-2 और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर लंबा जाम लग गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों और उद्योगों के बीच विवाद सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। साथ ही पुलिस और प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI






