सासाराम। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सासाराम से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी, जहां समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक महिला की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार एंबुलेंस के लिए करीब तीन घंटे तक अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला अस्पताल परिसर में ही तड़पती रही। पति और बेटी लगातार एंबुलेंस की मांग करते रहे, लेकिन न तो वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही कोई वैकल्पिक इंतजाम किया गया। आखिरकार इलाज शुरू होने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही और कुप्रबंधन का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं।
मामले पर दिनारा विधायक आलोक सिंह ने कहा कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे और जल्द समाधान की कोशिश करेंगे। हालांकि घटना के बाद लोगों में यह सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के केवल दावे ही किए जाते रहेंगे।
यह घटना एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत को सामने लाती है, जहां कई इलाकों में मरीजों को समय पर इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
@MUSKAN KUMARI







