लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित न होने के बाद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत करार दिया।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार संघीय ढांचे को कमजोर करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रही थी, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल संविधान और देश की जीत है, बल्कि विपक्षी दलों की एकता का भी प्रमाण है, जो सत्ताधारी दल के नेताओं के चेहरों पर साफ नजर आया।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने की रणनीति बना रही है और इसके लिए महिलाओं के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार की योजना थी कि अगर विधेयक पारित हो जाता तो राजनीतिक लाभ मिलता और यदि नहीं होता तो अन्य दलों को महिला विरोधी बताकर खुद को महिलाओं का पक्षधर दिखाने की कोशिश की जाती।
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं का “मसीहा” बनना आसान नहीं है और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति बताया।
अन्य मुद्दों पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हालिया फैसलों में अंतरराष्ट्रीय दबाव साफ झलकता है। अमेरिका के साथ हुए समझौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी शर्तें सामान्य परिस्थितियों में कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री स्वीकार नहीं करता।
महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि गैस, फल-सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ रहा है। उनका आरोप था कि सरकार इन वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक प्रचार का सहारा ले रही है।
“महिलाएं मूर्ख नहीं हैं”
अपने बयान में प्रियंका गांधी ने मौजूदा स्थिति को सरकार के लिए “काला दिन” बताया। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं की समस्याएं और संघर्ष दोनों बढ़ रहे हैं, लेकिन महिलाएं सब कुछ समझती हैं और अब केवल प्रचार से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला संबंधित विधेयक को तुरंत लागू किया जाए। यदि उसमें कुछ संशोधन की आवश्यकता है तो उसे जल्द पूरा कर महिलाओं को उनके अधिकार दिए जाएं। उन्होंने कहा, “महिलाओं को गुमराह करने के बजाय उन्हें उनका हक तुरंत मिलना चाहिए, इसके लिए हम सब तैयार हैं।”
@MUSKAN KUMARI







