नई दिल्ली:
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि Inter-Services Intelligence (ISI) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रही है। खुफिया अधिकारियों के अनुसार, एजेंसियों का ध्यान भटकाने और सुरक्षा तंत्र को उलझाने के लिए कथित तौर पर प्रोपेगेंडा अभियान और जासूसी गतिविधियां तेज की गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों की रेकी की जा रही है। इसके तहत ISI समर्थित मॉड्यूल देश के विभिन्न हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और संवेदनशील स्थलों की निगरानी जैसी गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं। एक खुफिया अधिकारी के मुताबिक, हाल के दिनों में संदिग्ध गतिविधियों में अचानक तेजी का उद्देश्य भारतीय जांच एजेंसियों को व्यस्त रखना और बड़े हमले की तैयारी करना हो सकता है।
एजेंसियों ने यह भी आशंका जताई है कि सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिशें भी की जा सकती हैं। कई इंटरसेप्ट्स में कथित तौर पर ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ प्रोपेगेंडा चैनलों को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए सक्रिय किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार सिर्फ बड़े शहर ही नहीं बल्कि छोटे कस्बे और गांव भी संभावित निशाने पर हो सकते हैं।
हाल ही में Ghaziabad Police ने एक मॉड्यूल का खुलासा किया था, जो रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास सोलर पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगा रहा था। जांच में सामने आया कि इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाई जा रही थी। इसके बाद कई राज्यों में सीसीटीवी कैमरों का ऑडिट शुरू किया गया है।
खुफिया एजेंसियां फिलहाल पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और चुनावी माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
@MUSKAN KUMARI







