Samrat Choudhary की पहल पर शुरू किए गए ‘सहयोग’ अभियान के तहत बिहार सरकार प्रशासनिक सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने की तैयारी में जुटी है। इस अभियान में राजस्व एवं भूमि सुधार, गृह विभाग, ग्रामीण विकास, नगर विकास, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली और श्रम संसाधन विभाग समेत कई महकमों को जोड़ा गया है।
सरकार की योजना है कि जमीन विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं का समाधान एक ही मंच पर किया जाए। इससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सकेगा।
हाल ही में सम्राट चौधरी ने ‘सहयोग हेल्पलाइन 1100’ और ‘सहयोग पोर्टल’ का उद्घाटन भी किया। सरकार का दावा है कि डिजिटल माध्यम से शिकायतों की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।

हालांकि विपक्ष इस अभियान को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठा सकता है और इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इसके बावजूद माना जा रहा है कि यदि यह योजना प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू होती है, तो बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
गांव की चौपाल तक सरकार को पहुंचाने की यह पहल आने वाले समय में बिहार की राजनीति और प्रशासन दोनों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
@MUSKAN KUMARI





