पटना | 14 अप्रैल 2026:
बिहार में तेज होती सियासी हलचल के बीच अब प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले कई वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्त किया गया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य में संभावित सत्ता परिवर्तन से ठीक पहले यह कदम उठाया गया है, जिसे एक बड़े प्रशासनिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नीतीश के भरोसेमंद अनुपम कुमार को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी
इस सूची में सबसे प्रमुख नाम 2003 बैच के IAS अधिकारी अनुपम कुमार का है, जिन्हें केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अनुपम कुमार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद करीबी और भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है।
कई वरिष्ठ अधिकारियों को मिली केंद्रीय जिम्मेदारी
केंद्र सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार:
वंदना प्रेयषी (IAS, 2003 बैच) – उर्वरक विभाग (Fertilizer Ministry) में जॉइंट सेक्रेटरी
राकेश राठी (IPS) – गृह मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी
प्रतिमा एस वर्मा (IAS, 2002 बैच) – जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) में कमिश्नर
सूत्रों का कहना है कि यह केवल पहली सूची है और जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जा सकती है, जिसमें और अधिकारियों के नाम शामिल होंगे।
सरकार बदलने से पहले बढ़ी हलचल
बिहार में 14 और 15 अप्रैल को राजनीतिक घटनाक्रम बेहद अहम माने जा रहे हैं। चर्चाएं हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री शपथ ले सकता है।
15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण की संभावनाओं के बीच प्रशासनिक स्तर पर हो रही यह हलचल कई संकेत दे रही है।
अफसरों की केंद्रीय तैनाती बनी चर्चा का विषय
राज्य में पहले ही कई वरिष्ठ अधिकारियों को विरमित (Relieve) किए जाने की मंजूरी दी जा चुकी है। ऐसे में सरकार बदलने से पहले अधिकारियों का केंद्र में जाना राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
Author: BiharlocalDesk
ASAIN TIMES NEWS NETWORK







