बिहार के Purnia जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र स्थित हरिपुर गांव में अवैध हथियार निर्माण के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। Special Task Force की पटना और कोलकाता यूनिट ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी कर भूमिगत मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई और भारी पुलिस बल की मौजूदगी से इलाके में सनसनी फैल गई।
छापेमारी में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मो. आफताब आलम, मो. अनवर, मिट्ठू कुमार और गब्बर मंडल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मिट्ठू कुमार हाल ही में बाहर से लौटकर इस अवैध नेटवर्क से जुड़ा था।
कार्रवाई के दौरान धमदाहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी Sandeep Goldy और थानाध्यक्ष Ravishankar Kumar मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने घटनास्थल से 10 अर्धनिर्मित पिस्टल, 14 लोहे की प्लेट, लेथ मशीन, कटर मशीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए हैं।

जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार “पतरी बनाने वाली फैक्ट्री” की आड़ में चलाया जा रहा था। ग्रामीणों को लंबे समय तक यही लगता रहा कि यहां सामान्य फैब्रिकेशन का काम होता है, जबकि जमीन से करीब 20 फीट नीचे लेथ मशीन लगाकर अवैध पिस्टल तैयार की जा रही थी। मशीन की आवाज बाहर न पहुंचे, इसके लिए पूरी संरचना भूमिगत बनाई गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मुंगेर का सूरज कुमार बताया जा रहा है, जो लंबे समय से अवैध हथियार कारोबार से जुड़ा हुआ है। हरिपुर गांव में हथियार तैयार किए जाते थे और उनकी सप्लाई बिहार समेत अन्य राज्यों तक की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि पिछले छह महीनों से इस अवैध फैक्ट्री की तैयारी चल रही थी और बीते दो महीनों से यहां बड़े स्तर पर हथियार निर्माण हो रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
@MUSKAN KUMARI





