नई सरकार के गठन की तैयारी तेज, 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण संभव; संभावित चेहरों पर भी बयानबाजी
बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब राज्य की सरकार “गुजरात से संचालित” होगी।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि Nitish Kumar ने उस विचारधारा वाली पार्टी को राज्य में मजबूत करने का रास्ता दिया है, जिसके खिलाफ वे पहले बोलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार महात्मा गांधी के विचारों की बात करते थे, लेकिन अब वही Nathuram Godse की विचारधारा से जुड़ी पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए।
संभावित मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर भी बयानबाजी तेज है। उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary का नाम सामने आने पर तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि वे Lalu Prasad Yadav की “पाठशाला” से निकले हैं और उन्हें आगे बढ़ाने में राजद की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसे नेताओं को आगे कर रही है जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि राजद से जुड़ी रही है।
इससे पहले मंगलवार को अपराह्न करीब 3 बजे के बाद Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। इस दौरान Samrat Choudhary और मंत्री विजय कुमार चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे।
इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार को भंग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण की तैयारी की जा रही है।
बिहार की बदलती सियासत में अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई हैं।
@MUSKAN KUMARI






