बिहार के नवादा जिले में शुक्रवार को तेज बारिश, आंधी और वज्रपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बेलधा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 45 वर्षीय कौशल कुमार की मौत हो गई। वहीं लगातार हुई बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बेलधा गांव निवासी कौशल कुमार शुक्रवार को भैंस चराने के लिए खेत गए हुए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ। बिजली की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल वारिसलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां, दो बेटे और वृद्ध माता-पिता छोड़ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार उनकी बड़ी बेटी की शादी की बातचीत चल रही थी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
उधर, शुक्रवार को हुई तेज बारिश और आंधी ने नवादा शहर की व्यवस्था की भी पोल खोल दी। सदर अस्पताल, बाजार, सड़कें और कई आवासीय इलाके पानी में डूब गए। अस्पताल परिसर में जलजमाव होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में फंस गए, जबकि निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की सफाई नहीं होने और पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था के कारण पानी निकासी की समस्या हर साल गंभीर रूप ले लेती है। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ और स्कूली बच्चों को भी घर लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानदारों को अपना सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
हालांकि कुछ स्थानों पर प्रशासन की ओर से पंपिंग मशीनें लगाई जा रही हैं, लेकिन स्थानीय नागरिक स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल जलजमाव की समस्या दोहराई जाती है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में ड्रेनेज सिस्टम के आधुनिकीकरण, नालियों की नियमित सफाई और वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था के बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
@MUSKAN KUMARI





