नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने और विपक्षी एकजुटता को नई धार देने के उद्देश्य से सोमवार को राजधानी दिल्ली में INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस राजनीतिक बैठक में करीब 23 दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया, जबकि कुछ वरिष्ठ नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। आगामी चुनावी चुनौतियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष की साझा आवाज को मजबूत करने के लिहाज से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी बैठक में शामिल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में विपक्षी राजनीति को मजबूती देने में तेजस्वी यादव की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निवेश के माहौल, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के अलावा केंद्र सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विपक्षी दलों का आरोप है कि महंगाई का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है, जबकि रोजगार के अवसरों में कमी से युवाओं की उम्मीदों को भी झटका लगा है।
INDIA गठबंधन के नेताओं का मानना है कि विभिन्न विचारधाराओं और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों की यह एकजुटता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का माध्यम बनेगी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार दिल्ली में आयोजित यह बैठक विपक्षी दलों के लिए केवल रणनीतिक मंथन नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक संघर्ष की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी साबित हो सकती है।
@MUSKAN KUMARI





