नई दिल्ली:
कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जाति जनगणना को लेकर देरी और अस्पष्टता का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार द्वारा इस संबंध में घोषणा किए एक वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं किया गया कि जाति आधारित गणना किस प्रक्रिया के तहत कराई जाएगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ा रही है।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि ठीक एक साल पहले सरकार ने आगामी जनगणना में सभी वर्गों की जाति गणना शामिल करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi इस मुद्दे को टालने की मंशा रखते हैं।
रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि 21 जुलाई 2021 को गृह मंत्री Amit Shah ने लोकसभा में स्पष्ट किया था कि सरकार ने नीति के तौर पर जाति आधारित जनगणना नहीं कराने का फैसला किया है। बाद में 21 सितंबर 2021 को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी यही रुख दोहराया था।
कांग्रेस नेता ने बताया कि 16 अप्रैल 2023 को पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सामान्य जनगणना के साथ अद्यतन जाति जनगणना कराने की मांग की थी। पार्टी ने यह भी कहा कि 2024 में प्रधानमंत्री द्वारा जाति जनगणना की मांग को “अर्बन नक्सल सोच” बताए जाने पर उन्हें माफी मांगनी
@MUSKAN KUMARI







