कटिहार नगर निगम क्षेत्र के बेगना तियारपाड़ा में नाला निर्माण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। शहर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने पहुंची नगर निगम की टीम को स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी बन गई कि करीब दो घंटे तक अधिकारी, कर्मी और जेसीबी मशीन मौके पर ही रुके रहे।
जानकारी के अनुसार नगर निगम प्रशासन शहर में जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने के लिए बेगना तियारपाड़ा इलाके से होकर नाला निर्माण की योजना पर काम कर रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त और कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारी जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे और पानी निकासी के लिए खुदाई शुरू कराई।
खुदाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और काम रोक दिया। किसानों का आरोप था कि नाला निर्माण के नाम पर शहर का गंदा पानी सीधे उनके खेतों में छोड़ा जाएगा, जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में इस समय मक्का, धान और मखाना की खेती हो रही है। गंदा पानी आने से फसल नष्ट होने के साथ जमीन बंजर होने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
स्थानीय किसान मो. फकरुद्दीन और मो. रईस ने बताया कि यह उनकी पुस्तैनी जमीन है और करीब 50 एकड़ क्षेत्र में खेती की जाती है। उन्होंने कहा कि इलाके के कई अन्य किसान भी इसी जमीन पर निर्भर हैं।
किसानों ने मांग की कि यदि नगर निगम पानी निकासी करना चाहता है तो पहले पंपसेट लगाकर जलस्तर कम किया जाए, ताकि खेतों और फसल को नुकसान न पहुंचे। किसानों ने चेतावनी दी कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के जबरन पानी छोड़ा गया तो आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि फसलों को नुकसान होता है तो जिला प्रशासन प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दे।
बताया जा रहा है कि इस इलाके में करीब 100 से अधिक किसान खेती पर निर्भर हैं। करीब दो घंटे तक चले विरोध और हंगामे के बाद नगर निगम प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए कुछ दूरी पर खुदाई कर पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कराई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
@MUSKAN KUMARI





