आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सभी याचिकाएं खारिज

देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और सुरक्षा चिंताओं को लेकर दायर सभी याचिकाओं को मंगलवार को Supreme Court of India ने खारिज कर दिया। याचिकाओं में मांग की गई थी कि अस्पतालों, स्कूलों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद दोबारा उसी इलाके में न छोड़ा जाए।

मामले की सुनवाई जस्टिस Vikram Nath, जस्टिस Sandeep Mehta और जस्टिस N. V. Anjaria की बेंच ने की। अदालत ने कहा कि आवारा कुत्तों से होने वाले नुकसान को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि पहले जारी निर्देशों के पालन को लेकर रिकॉर्ड पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले की टिप्पणियों को दोहराते हुए कहा कि यदि आवारा कुत्तों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होती है या कोई गंभीर रूप से घायल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल नगर निकायों की ही नहीं बल्कि डॉग फीडर्स की भी तय की जा सकती है। कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि आदेशों के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Ad.
Ad.

 

यह मामला 28 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में आवारा कुत्तों के हमलों और मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजने के निर्देश दिए थे। हालांकि विरोध के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए कहा था कि जो कुत्ते आक्रामक या रेबीज संक्रमित नहीं हैं, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है।

बाद में अदालत ने राज्यों और National Highways Authority of India को हाईवे, अस्पताल, स्कूल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के आसपास से आवारा जानवरों को हटाने के निर्देश भी दिए थे।

@MUSKAN KUMARI

NCRLOCALDESK
Author: NCRLOCALDESK

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर
[the_ad_group id="65"]
मौसम अपडेट
राशिफल