पटना:
बिहार की राजधानी पटना में आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आज रात पटना पहुंचने के साथ ही राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। उनके साथ नितिन नवीन के भी आने की खबर है, जिससे कैबिनेट विस्तार को लेकर कयास और मजबूत हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह के आगमन के तुरंत बाद अहम बैठकों का दौर शुरू होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी देर रात स्टेट गेस्ट हाउस में संभावित मंत्रियों की सूची के साथ शाह से मुलाकात कर सकते हैं। इस बैठक को कैबिनेट विस्तार से पहले की निर्णायक रणनीतिक कवायद माना जा रहा है।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी पटना पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि देर शाम इनकी भी अमित शाह के साथ महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है।

वहीं, 7 मई को पटना का गांधी मैदान एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनेगा। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार दोपहर करीब 12 बजे होगा, जिसमें नई टीम को शपथ दिलाई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में बीजेपी कोटे से 12 और जनता दल (यूनाइटेड) कोटे से 11 नए मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। इसके बाद कैबिनेट का कुल आकार 30 से 32 के बीच पहुंच सकता है, हालांकि जेडीयू के दो पद फिलहाल खाली रखे जाने की चर्चा है।
गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन इसे सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि एक बड़े शक्ति प्रदर्शन और सियासी संदेश के रूप में देख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा बिहार में सत्ता संतुलन और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से बेहद अहम है। देर रात की बैठकों से लेकर कल के समारोह तक, हर गतिविधि पर सियासी नजरें टिकी हुई हैं।
@MUSKAN KUMARI







