PMCH में जन्म के 3 घंटे बाद नवजात चोरी का प्रयास, गेट पर पकड़ी गई महिला बिहार में सुरक्षा पर बड़ा सवाल

(PMCH) में नवजात चोरी का प्रयास

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पटना से विशेष रिपोर्ट | राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में सोमवार को नवजात शिशु चोरी का सनसनीखेज प्रयास सामने आया। जन्म के महज तीन घंटे बाद एक महिला ने बच्चे को वार्ड से बाहर ले जाने की कोशिश की। सतर्क परिजनों, सुरक्षा गार्ड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नवजात को सकुशल बरामद कर लिया गया। आरोपी महिला को अस्पताल गेट के पास पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

कैसे हुई घटना?

बुद्ध मार्ग, कमला नेहरू नगर बस्ती की एक महिला को प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। सुबह 8:05 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। दोपहर करीब 1 बजे, जब पति कुछ देर के लिए बाहर गए और प्रसूता वार्ड में अकेली थी, तभी वार्ड में मौजूद जैकी कुमारी नामक महिला ने खुद को रिश्तेदार बताकर विश्वास जीता। प्रसूता के सो जाने पर उसने नवजात को कपड़े में लपेटकर बाहर निकलने की कोशिश की।

सीसीटीवी से खुलासा, गेट के पास गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही PMCH पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध महिला झाड़ियों की ओर जाती दिखी, जिसके हाथ में कपड़े में लिपटा नवजात था। सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने दुर्गा मंदिर के पास उसे धर दबोचा। गुस्साई भीड़ ने पिटाई की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आरोपी का बयान

पूछताछ में महिला ने बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले मध्य प्रदेश में हुई थी। संतान न होने के कारण ससुराल में ताने और प्रताड़ना मिल रही थी। इसी दबाव में उसने बच्चा चोरी की योजना बनाई।

प्रशासन की कार्रवाई

PMCH अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि घटना पुराने गायनी वार्ड की है। नए भवन में सुरक्षा कड़ी है। अब:

  • एक मरीज के साथ केवल एक परिजन को ही प्रवेश मिलेगा

  • आईडी कार्ड आधारित प्रवेश प्रणाली लागू होगी

  • सीसीटीवी और गार्ड तैनाती बढ़ाई जाएगी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

बिहार-यूपी-दिल्ली में बढ़ती घटनाएं: सुरक्षा पर सवाल

हाल के महीनों में शिशु चोरी/अपहरण के प्रयासों की खबरें Bihar, Uttar Pradesh और Delhi के विभिन्न जिलों से सामने आई हैं। अधिकतर मामलों में अस्पतालों/निजी नर्सिंग होम के बाहर सुरक्षा की ढिलाई, विज़िटर-एंट्री की अस्पष्ट व्यवस्था और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की कमी प्रमुख कारण पाए गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • प्रसूति वार्ड में कंट्रोल्ड एक्सेस अनिवार्य हो

  • नवजात पर RFID टैग/मदर-बेबी मैचिंग सिस्टम लागू हो

  • विज़िटर वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक एंट्री हो

  • संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल अलर्ट सिस्टम सक्रिय रहे


बड़ा सवाल

राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुई यह वारदात सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। यदि कुछ मिनट और देरी होती, तो आरोपी महिला नवजात को लेकर फरार हो सकती थी।

फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क और संभावित लिंक की जांच में जुटी है। अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है।

(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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