बगहा: गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के अलर्ट के बीच पश्चिम चंपारण में जल संसाधन विभाग की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। पीपरा-पीपरासी (पीपी) तटबंध के निरीक्षण के दौरान जिम्मेदार अभियंताओं की गैरमौजूदगी पर बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम और बीजेपी विधायक राम सिंह ने नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि पीपी तटबंध स्थित अभियंता कैंप के उपस्थिति रजिस्टर में लंबे समय से किसी अधिकारी की हाजिरी दर्ज नहीं थी। रजिस्टर की जांच के बाद मंत्री और विधायक ने मौके पर ही अभियंताओं को फटकार लगाई। सवाल उठने लगा कि जब गंडक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ का खतरा बना हुआ है, तब तटबंध की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद क्यों हैं।
दरअसल, सैलाब-2 अलर्ट के बीच बिहार सरकार के दो मंत्री पश्चिम चंपारण में कैंप कर रहे हैं और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आपदा की आशंका को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी अगले आदेश तक रद्द की गई हैं। ऐसे में अभियंताओं की कथित गैरमौजूदगी ने सरकारी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं, मंगलपुर में चल रहे कटावरोधी कार्यों को लेकर वाल्मीकिनगर के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लड फाइटिंग के नाम पर हो रहे काम प्रभावी नहीं हैं और इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मंत्री नंदकिशोर राम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम चंपारण के डीएम तरनजीत सिंह से फोन पर शिकायत की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अब देखना होगा कि बाढ़ के संवेदनशील समय में तटबंधों की निगरानी में कथित लापरवाही पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
@MUSKAN KUMARI





