आरा: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में मौत का मामला अभी न्यायिक जांच के अधीन है। इसी बीच तत्कालीन जगदीशपुर SDO संजीत कुमार को नई पोस्टिंग मिलने के बाद मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है।

राज्य सरकार की ओर से बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले के बाद संजीत कुमार को सुपौल में भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के पद पर तैनात किया गया है। इससे पहले 24 जुलाई को सरकार ने उन्हें जगदीशपुर SDO के पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में वापस बुला लिया था।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भरत तिवारी की मां आशा देवी की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद हुई थी। इसके बाद संजीत कुमार मुख्यालय में नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे थे।

अब नई पोस्टिंग के आदेश के बाद भरत तिवारी के परिजनों ने नाराजगी जताई है। उनकी मां आशा देवी का कहना है कि जिन अधिकारियों की भूमिका को लेकर परिवार लगातार सवाल उठा रहा है, उनमें से एक को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।
गौरतलब है कि 17 जून को बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत हुई थी। परिवार ने आरोप लगाया है कि भरत तिवारी प्रशासनिक व्यवस्था, बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे उठा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों और किसी अधिकारी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
परिवार का कहना है कि जब मामले की जांच जारी है, ऐसे में संबंधित अधिकारी को नई पोस्टिंग दिए जाने से निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजन अब भी मामले में न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
@MUSKAN KUMARI





