सारण। बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा स्थित डीजल रेल इंजन कारखाने (लोकोमोटिव फैक्ट्री) ने वैश्विक स्तर पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक भव्य समारोह में अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य के लिए निर्यात किए जा रहे 51वें शक्तिशाली WDG4G रेल इंजन को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल तथा रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मढ़ौरा में निर्मित रेल इंजन आज अपनी अत्याधुनिक तकनीक और क्षमता के बल पर दुनिया भर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2017 में इस फैक्ट्री की शुरुआत करते समय इसे विश्वस्तरीय तकनीक से लैस बनाने का लक्ष्य रखा था, जो आज साकार होता दिखाई दे रहा है।
रेल मंत्री ने बताया कि गिनी गणराज्य के लिए रवाना किया गया यह 51वां इंजन है। इससे पहले मढ़ौरा प्लांट से 50 इंजनों का सफल निर्यात किया जा चुका है और विदेशों में इनके प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि इस फैक्ट्री के संचालन से सरकार को चार करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने 2014 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल घोषणाएं होती थीं, लेकिन योजनाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया जाता था। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा फैक्ट्री भी वर्षों तक अधूरी रही, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया।
रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया है। इसी के परिणामस्वरूप राज्य में रेलवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और बिहार देश के रेल विकास के मानचित्र पर नई पहचान बना रहा है।
@MUSKAN KUMARI





