पटना। मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर जन स्वास्थ्य कल्याण समिति के सचिव एल.बी. सिंह ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर मामले में अब तक हुई कार्रवाई और कई अहम मुद्दों से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हादसे में कई लोगों की मौत के बावजूद अब तक सिविल सर्जन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है और पूरे मामले में व्यापक जवाबदेही तय किए जाने की आवश्यकता है।
एल.बी. सिंह ने बताया कि प्रशासन ने कुछ छोटे अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को सील किया है, लेकिन मामले में सभी जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस पर नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया कि इस दर्दनाक घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि 4 जून को मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। हादसे के समय आईसीयू में भर्ती मरीज धुएं की चपेट में आ गए थे। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई। जांच में सामने आया कि अधिकांश मरीजों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई थी।

घटना के बाद जिला प्रशासन ने प्रसाद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। मामले में अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में शहर के 13 अन्य अस्पतालों और संस्थानों को भी सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने एक चिकित्सक को निलंबित किया है और विभिन्न एजेंसियां निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों तथा प्रशासनिक लापरवाही की जांच में जुटी हैं।
जन स्वास्थ्य कल्याण समिति ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
@MUSKAN KUMARI






