पटना। राजधानी पटना में दवा कारोबार में निवेश और मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कई कारोबारियों से करीब ढाई करोड़ रुपये वसूले गए, लेकिन न तो कोई कारोबार शुरू हुआ और न ही निवेशकों को उनकी रकम वापस मिली। मामले में मुख्य आरोपी आदित्य कुमार उर्फ सज्जन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया है।
पीरबहोर थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, कदमकुआं के अमरुदी गली निवासी सिकंदर कुमार समेत कई कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दवा कारोबार में साझेदारी और बेहतर रिटर्न का लालच देकर लाखों रुपये निवेश कराए गए। सिकंदर कुमार का दावा है कि उनसे अकेले करीब 65 लाख रुपये आरटीजीएस और नकद माध्यम से लिए गए। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो कथित तौर पर उन्हें अपमानित कर घर से बाहर निकाल दिया गया।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपी के भाई सुनील कुमार, जो जीएम रोड पर दवा दुकान चलाते हैं, कारोबारियों के बीच भरोसा कायम करने का काम करते थे। लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि सज्जन कुमार के साथ निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और इससे व्यापारिक एवं कर संबंधी समस्याओं का भी समाधान होगा। इसी भरोसे में कई लोगों ने बड़ी रकम निवेश कर दी।

मामला दर्ज होने के बाद आदित्य कुमार उर्फ सज्जन कुमार पटना छोड़कर मुंबई फरार हो गया। इस बीच उसकी पत्नी ने कदमकुआं थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ ने आरोपी को मुंबई के एक रेस्टोरेंट से गिरफ्तार कर लिया, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर काम कर रहा था।
फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने कारोबारियों से रकम वसूली गई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि मामला सामने आए आंकड़ों से कहीं अधिक बड़ा हो सकता है।
@MUSKAN KUMARI






