मगध मेडिकल कॉलेज में चौथे दिन भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी, ओपीडी बंद रहने से मरीज बेहाल

गया। बिहार के गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सोमवार को भी ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही, जिससे इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

आंदोलन कर रहे जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि हॉस्टल, सड़क और मेस से जुड़ी बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक ओपीडी सेवा बहाल नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि हर बार आंदोलन के दौरान प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जाता। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि इस बार वे सिर्फ वादों पर भरोसा नहीं करेंगे और जब तक मांगों पर जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आर-पार की लड़ाई के मूड में डॉक्टर

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि कॉलेज और अस्पताल प्रशासन वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी करता रहा है। उनका दावा है कि हॉस्टल में रहने, भोजन और आवागमन से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

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28 घंटे बाद बहाल हुई इमरजेंसी सेवा

रविवार देर शाम कॉलेज प्राचार्य के साथ हुई वार्ता के बाद करीब 28 घंटे से बंद इमरजेंसी सेवा को दोबारा शुरू कर दिया गया। इससे गंभीर मरीजों को कुछ राहत मिली है। हालांकि ओपीडी सेवा अब भी बंद है, जिसके कारण सामान्य मरीजों की परेशानी बनी हुई है।

मरीजों का फूटा गुस्सा

लगातार चौथे दिन ओपीडी बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ गई। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि घंटों इंतजार के बावजूद इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं हो पा रही है। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।

अधीक्षक बोले- समाधान की कोशिश जारी

अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि रविवार रात हुई बातचीत के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद थी, लेकिन सोमवार सुबह जूनियर डॉक्टर ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंच गए और सेवा शुरू नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है और वार्ता का दौर जारी है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

मगध प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में लगातार चार दिनों से ओपीडी सेवा बंद रहने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों और प्रशासन के बीच जारी विवाद का सबसे ज्यादा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन और जूनियर डॉक्टरों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हजारों मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

@MUSKAN KUMARI

NCRLOCALDESK
Author: NCRLOCALDESK

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