भोजपुर। जिले के चौरी थाना क्षेत्र स्थित अंधारी सोन नदी बालू घाट संख्या-1 के समीप रविवार को हुए दर्दनाक हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवकों को ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद अंधारी गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान 14 वर्षीय हर्षित कुमार, 17 वर्षीय निखिल कुमार और 19 वर्षीय नीतीश कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सभी युवक सोन नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नदी में बने गहरे गड्ढे में हर्षित कुमार डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में नीतीश कुमार और फिर निखिल कुमार भी गहरे पानी में समा गए।
तीनों को बचाने के लिए शिवम कुमार, पंकज Kumar और प्रिंस कुमार भी नदी में उतरे, लेकिन वे भी डूबने लगे। इसी बीच प्रिंस कुमार ने शोर मचाया, जिसके बाद नदी किनारे मौजूद ग्रामीण नाव लेकर मौके पर पहुंचे और प्रिंस, शिवम तथा पंकज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

ग्रामीणों और परिजनों ने गंभीर हालत में हर्षित, निखिल और नीतीश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अरवल सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीनों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि सहार-अरवल पुल पर लगे भीषण जाम के कारण समय पर अस्पताल पहुंचना संभव नहीं हो सका। उनका कहना है कि यदि रास्ता बाधित नहीं होता और समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद तीनों की जान बचाई जा सकती थी।
घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने अरवल-सहार पुल को जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों ने नदी में अवैध बालू खनन के कारण बने गहरे गड्ढों को हादसे की बड़ी वजह बताया है। इस दुखद घटना ने तीन परिवारों की खुशियां छीन ली हैं और पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
@MUSKAN KUMARI






