बिहार के कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत मोरसंडा गांव से सामने आई एक मार्मिक घटना ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव निवासी अरविंद मंडल के निधन के बाद परिजनों और ग्रामीणों को उनकी अर्थी को कंधे पर उठाकर कमला नदी पार करनी पड़ी, क्योंकि नदी पर पुल का निर्माण नहीं हो सका है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीणों को पानी के बीच से अर्थी लेकर गुजरते देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात और बाढ़ के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। आवागमन बनाए रखने के लिए लोग आपसी सहयोग से अस्थायी बांस का पुल तैयार करते हैं। वहीं, नाव की सुविधा भी सीमित है और ओवरलोडिंग की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

मामले के तूल पकड़ने के बाद कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र की विधायक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुल निर्माण की योजना तकनीकी कारणों से आगे नहीं बढ़ सकी थी। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विकास को लेकर वर्षों से आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। अब ग्रामीणों की मांग है कि पुल निर्माण को प्राथमिकता देकर आवागमन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
@MUSKAN KUMARI





