बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार सुबह मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष अचानक पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के 5 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया और जमकर नारेबाजी हुई।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने संजय झा से अपने आवास पर आने को कहा, जिसके बाद बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जदयू के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक में उम्मीदवारों के चयन, चुनावी रणनीति और एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बताया जा रहा है कि 18 जून को होने वाले बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के चुनाव और एक सीट के उपचुनाव को लेकर जदयू पूरी तैयारी में जुटी हुई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि जदयू इस चुनाव में चार उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। साथ ही मुख्यमंत्री के पुत्र और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नाम को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

एनडीए में सीट बंटवारे की चुनौती
विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए के भीतर भी सीटों को लेकर दावेदारी बढ़ गई है। मंत्री फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका विधान परिषद सदस्य बनना जरूरी है। वहीं अपनी पार्टी के लिए एक सीट की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा की पार्टी भी एक सीट पर दावा जता रही है, जिससे सीटों का संतुलन साधना एनडीए के लिए चुनौती बन गया है।
18 जून को मतदान
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
इन सीटों पर होगा चुनाव
जिन 9 सीटों पर चुनाव होना है, उन पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं उपचुनाव उस सीट पर कराया जाएगा जो नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।
@MUSKAN KUMARI






