राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए आईपीएल क्वालिफायर-2 में मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के वर्तमान और भविष्य की झलक के रूप में भी देखा गया। एक ओर थे युवा स्टार बल्लेबाज Shubman Gill, तो दूसरी ओर उभरते हुए प्रतिभाशाली बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi, जिन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी से एक बार फिर सबका ध्यान खींचा।
मैच की शुरुआत राजस्थान रॉयल्स के लिए अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए। ऐसे मुश्किल हालात में वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामकता के बजाय परिपक्वता दिखाई। उन्होंने परिस्थितियों को समझते हुए पहले पारी को संभाला और 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दिलचस्प बात यह रही कि आईपीएल में यह उनका सबसे धीमा अर्धशतक था, जो उनकी मैच परिस्थिति के अनुसार खेलने की क्षमता को दर्शाता है।
अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने अपने स्वाभाविक अंदाज में बल्लेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने अगली 16 गेंदों में 46 रन ठोक दिए और गुजरात के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। युवा बल्लेबाज शतक के बेहद करीब पहुंच गए, लेकिन 47 गेंदों में 97 रन बनाकर आउट हो गए।
अपनी इस विस्फोटक पारी में वैभव ने 7 शानदार छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 200 से अधिक रहा। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन जिस तरह उन्होंने दबाव भरे मुकाबले में पारी को बनाया और फिर तेजी से रन बटोरे, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वैभव ने इस पारी से साबित कर दिया है कि वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता भी रखते हैं। यही गुण किसी भी खिलाड़ी को बड़े स्तर पर सफल बनाता है।
इस शानदार प्रदर्शन के बाद अब चयनकर्ताओं पर भी नजरें रहेंगी। लगातार प्रभावशाली पारियां खेल रहे वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं। आने वाले समय में राष्ट्रीय टीम के लिए उनके नाम पर चर्चा और तेज होना तय माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI





