मौसम के अचानक बदले मिजाज ने गया और आसपास के इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश और फिसलन भरी पटरियों के कारण रेलवे परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया, जबकि वज्रपात की घटनाओं ने लोगों में दहशत फैला दी।
जानकारी के अनुसार गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन में कई महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों तक प्रभावित रहीं। नई दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस बसकटवा हॉल्ट के पास चढ़ाई के दौरान फंस गई, जबकि अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस गुरपा स्टेशन पर रोक दी गई। वहीं जनशताब्दी एक्सप्रेस पहाड़पुर और वंदे भारत एक्सप्रेस टनकुप्पा में खड़ी रही। सुबह करीब 8:30 बजे से शुरू हुई बाधा के कारण पूरे रेलखंड में परिचालन प्रभावित हो गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति को सामान्य करने में जुटी रही। ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीडब्ल्यूआई स्तर पर निरीक्षण और जांच अभियान चलाया गया, ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके। रेलवे प्रशासन का कहना है कि परिचालन को जल्द सामान्य करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

इधर, खराब मौसम ने ग्रामीण इलाकों में भी भारी असर डाला। डुमरिया प्रखंड के भदवर इलाके में वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। लगातार बारिश और ठनका गिरने की घटनाओं से गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
मौसम की इस मार ने परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने इसे आपदा प्रबंधन की कमजोरी बताते हुए सरकार को घेरा है। वहीं प्रशासन का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं और राहत एवं बहाली कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
बिहार में मौसम के इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के सामने व्यवस्थाओं की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। फिलहाल रेलवे और जिला प्रशासन दोनों ही हालात को सामान्य करने में जुटे हुए हैं।
@MUSKAN KUMARI





