पटना। केंद्र की Narendra Modi सरकार ने बिहार की Samrat Choudhary सरकार को बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए 6 लाख मिट्टी नमूना जांच के प्रस्ताव में केंद्र सरकार ने केवल 1.5 लाख नमूनों की जांच को मंजूरी दी है। केंद्र की इस कटौती के बाद राज्य का कृषि विभाग अब संशोधित प्रस्ताव तैयार कर दोबारा केंद्र को भेजने की तैयारी में जुट गया है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने प्रस्तावित लक्ष्य में करीब 75 फीसदी की कटौती की है। इससे राज्य में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कृषि विभाग अब जिलावार नए लक्ष्य तय करने में लगा है ताकि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जांच कार्य जारी रखा जा सके।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में मिट्टी जांच के लक्ष्य में लगातार बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2025-26 में बिहार को 3 लाख नमूनों की जांच का लक्ष्य मिला था, जिसे अब घटाकर डेढ़ लाख कर दिया गया है। इससे पहले 2024-25 में 5 लाख और 2023-24 में 2 लाख नमूनों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। खास बात यह है कि बिहार सरकार ने हर वर्ष मिले लक्ष्य को समय पर पूरा किया है।

मिट्टी जांच का कार्य केंद्र प्रायोजित Rashtriya Krishi Vikas Yojana के तहत किया जाता है। इस योजना में 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार और 40 फीसदी खर्च राज्य सरकार वहन करती है। पिछले वर्ष 3 लाख नमूनों में से 50 हजार प्राकृतिक खेती से जुड़ी जमीन के थे, जिनकी जांच हर साल की जाती है।
मिट्टी जांच के जरिए खेत की उर्वरता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति का पता लगाया जाता है। इसके आधार पर किसानों को डिजिटल सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किया जाता है, जो ऑनलाइन और व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। सामान्य खेती के लिए मिट्टी जांच की वैधता तीन साल होती है, जबकि प्राकृतिक खेती में यह प्रक्रिया हर वर्ष दोहराई जाती है।
राज्यभर में मिट्टी जांच की मजबूत व्यवस्था मौजूद है। सॉयल हेल्थ कार्ड में 100 से अधिक फसलों, फल और सब्जियों के लिए उर्वरक की सटीक अनुशंसा दी जाती है। इससे किसानों को संतुलित खाद उपयोग में मदद मिलती है, उत्पादन बढ़ता है और रासायनिक खाद के अनावश्यक इस्तेमाल पर रोक लगती है। बिहार के सभी 38 जिलों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित हैं। इसके अलावा प्रमंडल स्तर पर 46 प्रयोगशालाएं, 3 रेफरल लैब, 4 गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाएं और 7 बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं भी कार्यरत हैं।
@MUSKAN KUMARI







