पटना/हावड़ा: हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल एक्सप्रेस में बम होने की झूठी सूचना देकर ट्रेन को रोकने और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में अफरा-तफरी फैलाने का मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपी प्रदीपन भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आरोपी हावड़ा से पंजाब मेल पकड़ने वाला था, लेकिन समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सका। इसके बाद वह होटल चला गया और शराब के नशे में रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, RPF और GRP अलर्ट हो गए और चंदनपुर के पास ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया। करीब 2 घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन ट्रेन में कोई विस्फोटक नहीं मिला।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
जांच के दौरान जिस मोबाइल नंबर से कॉल आया था, उसे ट्रेस किया गया। पता चला कि आरोपी खुद उसी ट्रेन में सफर कर रहा है।
पंजाब मेल उस समय मोकामा और पटना जंक्शन के बीच थी
रेलवे पुलिस ने ट्रेन रुकवाकर आरोपी को हिरासत में लिया
पूछताछ में पहले आरोपी ने टालमटोल की
मोबाइल जांच के बाद उसने पूरी सच्चाई कबूल कर ली
आरोपी की पहचान और प्लान
नाम: प्रदीपन भट्टाचार्य
निवासी: मुर्शिदाबाद
पेशा: निजी टिकट काउंटर पर टिकट बुकिंग
गंतव्य: अंबाला कैंट
बताया गया कि ट्रेन छूट जाने के बाद उसने सोचा कि बम की झूठी सूचना देकर ट्रेन को लेट करवा देगा, ताकि वह अगली ट्रेन पकड़कर बीच रास्ते में पंजाब मेल में चढ़ सके — और उसने ऐसा किया भी।
आरोपी ने कालका एक्सप्रेस पकड़कर वर्धमान जंक्शन पहुंचा, जहां पंजाब मेल रुकी हुई थी। वहां से वह अपनी सीट पर जाकर बैठ गया, लेकिन पुलिस ने उसे ट्रेस कर दबोच लिया।
रेलवे की सख्त कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि:
“ऐसी झूठी सूचना देना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे यात्रियों की जान को खतरा और रेलवे संसाधनों का भारी नुकसान होता है।”
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि फर्जी सूचना और अफवाह फैलाना कितना खतरनाक हो सकता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







