मुजफ्फरपुर। शहर के प्रसाद अस्पताल में आईसीयू में लगी भीषण आग की घटना के बाद गठित पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में अस्पताल भवन के निर्माण और नक्शे को लेकर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि जिस आईसीयू में आग लगी थी, उसका निर्माण नगर निगम की स्वीकृत योजना के विपरीत किया गया था।
गौरतलब है कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
स्वीकृत नक्शे में नहीं था आईसीयू का उल्लेख
जांच रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने नगर निगम द्वारा स्वीकृत नक्शे को दरकिनार करते हुए भवन का निर्माण कराया। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जिस आईसीयू में आग लगी, उसका जिक्र स्वीकृत नक्शे में नहीं था। ऐसे में आईसीयू का निर्माण अवैध रूप से किए जाने की बात सामने आई है।
अस्पताल प्रबंधन को जारी किया गया नोटिस
जिलाधिकारी सुव्रत कुमार सेन ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट में अस्पताल निर्माण से जुड़ी कई खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन अब अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।

बुलडोजर कार्रवाई की भी संभावना
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल परिसर में किए गए अवैध निर्माण को लेकर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, आग लगने के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी जारी है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
प्रसाद अस्पताल में हुई इस भयावह घटना ने निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और निर्माण नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
@MUSKAN KUMARI





