बिहार की बिहार विधानसभा में मंगलवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच माहौल गरमा गया। चौकीदार और दफादारों पर लाठीचार्ज के विरोध में विपक्ष ने सरकार को घेरा, जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजद सहित अन्य विपक्षी दलों पर जमकर बरसे।
दरअसल, एक दिन पहले पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदार और दफादारों पर पुलिस लाठीचार्ज हुआ था। इसी के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल के कुमार सर्बजीत समेत अन्य विपक्षी सदस्यों ने पहले सदन के बाहर प्रदर्शन किया और फिर सदन के अंदर भी सरकार को घेरा।
विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजद शासनकाल में बिहार में कोई काम नहीं हुआ था और आज विपक्ष की संख्या कम होना उसी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सत्तापक्ष के 202 विधायक सदन में मौजूद हैं और विपक्ष आगे भी सरकार में नहीं आने वाला। हंगामा कर रहे सदस्यों को उन्होंने शांत बैठने की नसीहत दी।
नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस समय लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे, जबकि अब बिहार में हर क्षेत्र में विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मार्शलों को बुलाकर प्रदर्शन कर रहे सदस्यों के हाथों से प्लेकार्ड हटाने का निर्देश दिया।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सरकार चौकीदार और दफादारों के मुद्दे को गंभीरता से देखेगी। वहीं मंत्री विजेंद्र यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी मांगें सुनने की बात कही। राजू तिवारी ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
@MUSKAN KUMARI






