E20 पेट्रोल पर बड़ा फैसला: उपभोक्ता आयोग ने मारुति सुजुकी और डीलर को मुआवजा देने का दिया आदेश

E20 पेट्रोल से वाहनों को नुकसान होने के दावों के बीच रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने एक कार मालिक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मारुति सुजुकी और संबंधित डीलर को वाहन की मरम्मत का खर्च लौटाने, मानसिक प्रताड़ना और मुकदमे के खर्च का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने भुगतान के लिए 45 दिनों की समयसीमा तय की है। तय समय में राशि का भुगतान नहीं होने पर ब्याज भी देना होगा।

मामला जनवरी 2023 में निर्मित मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद वाहन में इंजन मिसफायरिंग, परफॉर्मेंस में गिरावट और माइलेज कम होने जैसी समस्याएं लगातार आने लगीं। कई बार अधिकृत सर्विस सेंटर में मरम्मत कराने के बावजूद समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

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सुनवाई के दौरान मारुति सुजुकी और डीलर ने दावा किया कि वाहन E20 ईंधन के अनुरूप है और खराबी का कारण E20 नहीं, बल्कि अन्य तकनीकी या रखरखाव संबंधी कारण हो सकते हैं। हालांकि आयोग ने माना कि बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना उपभोक्ता की शिकायत को मजबूत करता है।

आयोग ने अपने आदेश में यह भी टिप्पणी की कि E20 पेट्रोल अब व्यापक रूप से उपलब्ध है और अधिकांश उपभोक्ताओं के पास इससे बचने का व्यावहारिक विकल्प नहीं है। इसलिए E20 के इस्तेमाल के बाद सामने आने वाली शिकायतों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब देशभर में कुछ वाहन मालिक E20 पेट्रोल से माइलेज और इंजन प्रदर्शन प्रभावित होने का दावा कर रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है और इससे वाहनों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यापक समस्या सामने नहीं आई है।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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