बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आत्ममंथन शुरू कर दिया है। चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, कई वरिष्ठ मंत्री, संगठन के पदाधिकारी और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग फीडबैक लिया गया। बैठक में यह जानने की कोशिश की गई कि पार्टी को अपने पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में हार का सामना क्यों करना पड़ा। इस दौरान बूथ स्तर की स्थिति, संगठन की सक्रियता, स्थानीय मुद्दों, मतदाताओं की नाराजगी, चुनावी रणनीति और सामाजिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि क्या सरकार के कामकाज को लेकर जनता में असंतोष था या फिर जातीय और स्थानीय समीकरणों में बदलाव की वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। चुनाव प्रचार के दौरान मिले स्थानीय फीडबैक और मतदाताओं की राय पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सूत्रों का कहना है कि समीक्षा बैठक में हार की जिम्मेदारी तय करने और चुनाव संचालन से जुड़े नेताओं व संगठन पदाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगने पर भी चर्चा हुई। बैठक के निष्कर्षों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी, ताकि आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति बनाई जा सके।
गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए 19,324 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें 64,151 वोट मिले। भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में मिली इस हार को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI





