पटना: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपने 29वें स्थापना दिवस को इस बार महज एक उत्सव नहीं, बल्कि ‘संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने जा रही है। पार्टी इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने सबसे बड़े राजनीतिक अभियान की शुरुआत मान रही है। 1 जुलाई को पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कार्यकर्ताओं और नेताओं को चुनावी लड़ाई का रोडमैप देंगे, जबकि 5 जुलाई को राज्य के सभी जिलों में कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष का संकल्प दोहराएंगे।

आरजेडी ने सरकार के खिलाफ कई अहम मुद्दों पर व्यापक जनआंदोलन की रणनीति बनाई है। पार्टी कथित टेंडर घोटाला, भरत तिवारी एनकाउंटर, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की जमीन से जुड़े विवाद, कॉरपोरेट को दी जा रही रियायतें और लगातार हो रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी का आरोप है कि राज्य में अपराध बेलगाम है, महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है और युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है।
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाएंगे, जबकि तेजस्वी यादव रोजगार, वेतन संकट, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे। पार्टी का कहना है कि मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता के बीच संघर्ष को और तेज करना समय की मांग है।

हालांकि, आरजेडी के सामने पारिवारिक विवाद, हालिया चुनावी झटके और संगठनात्मक चुनौतियां भी मौजूद हैं। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व का दावा है कि स्थापना दिवस से शुरू होने वाला यह अभियान संगठन को नई ऊर्जा देगा और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करेगा। आरजेडी को उम्मीद है कि यह अभियान सरकार के खिलाफ जनमत बनाने और पार्टी की राजनीतिक धार को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
@MUSKAN KUMARI






