1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना, 14 साल बाद बढ़ी फीस; विदेश मंत्रालय ने जारी की नई दरें

पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए नई शुल्क सूची जारी की है, जो 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगी।

 

करीब 14 साल बाद पासपोर्ट शुल्क में बदलाव किया गया है। इससे पहले वर्ष 2012 में फीस संशोधित की गई थी। नए नियमों के तहत नया पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट का नवीनीकरण (री-इश्यू) कराने और खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के लिए पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। कुछ श्रेणियों में फीस 2,000 रुपये तक बढ़ाई गई है।

 

36 पृष्ठ वाले पासपोर्ट की नई फीस

 

– सामान्य आवेदन/री-इश्यू: ₹1,500 से बढ़कर ₹2,500

– तत्काल सेवा: ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000

 

60 पृष्ठ वाले पासपोर्ट की नई फीस

 

– सामान्य आवेदन/री-इश्यू: ₹2,000 से बढ़कर ₹3,500

– तत्काल सेवा: ₹4,000 से बढ़कर ₹6,000

 

खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर शुल्क

 

– 36 पृष्ठ: सामान्य ₹5,000 | तत्काल ₹7,500

– 60 पृष्ठ: सामान्य ₹6,000 | तत्काल ₹8,500

 

बच्चों के पासपोर्ट की नई फीस

18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के 36 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,750 कर दिया गया है, जबकि तत्काल सेवा के लिए शुल्क ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,250 होगा। यदि नाबालिग का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो सामान्य श्रेणी में ₹4,250 और तत्काल सेवा के लिए ₹6,750 शुल्क देना होगा।

 

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से देशभर के सभी पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर नई शुल्क दरें लागू होंगी। इसके बाद पासपोर्ट से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए संशोधित शुल्क ही लागू होगा।

@MUSKAN KUMARI

NCRLOCALDESK
Author: NCRLOCALDESK

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