भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित एनकाउंटर में हुई मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले पटना हाईकोर्ट का रुख करने की सलाह दी है।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने कहा कि मामले में पहले संबंधित हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाना चाहिए। यदि वहां से उचित राहत नहीं मिलती है, तो याचिकाकर्ता उपलब्ध अन्य कानूनी विकल्प अपना सकता है।
प्रिया मिश्रा की ओर से दायर याचिका में मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र समिति की निगरानी में कराने की मांग की गई थी। इसके साथ ही कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई की मांग भी की गई थी।

इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका पर सीधे सुनवाई से इनकार करते हुए पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। उस याचिका में कथित फर्जी एनकाउंटर का दावा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई थी। अब मामले में आगे की कानूनी लड़ाई पटना हाईकोर्ट में लड़ी जा सकती है।
@MUSKAN KUMARI





