बेगूसराय: जीडी कॉलेज में सोमवार को शिलान्यास कार्यक्रम उस वक्त सियासी और छात्र राजनीति के अखाड़े में बदल गया, जब एलएनएमयू के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी को छात्र संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा। ओल्ड हॉस्टल कैंपस में फॉरेन लैंग्वेज, दिनकर चेयर रिसर्च सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर के शिलान्यास के लिए कुलपति के पहुंचते ही लेफ्ट समेत कुछ छात्र संगठनों ने उन्हें घेर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर कुलपति से आमने-सामने बातचीत की मांग कर रहे थे। आरोप है कि बातचीत नहीं होने पर विरोध तेज हो गया। कुछ छात्र कुलपति की गाड़ी के सामने एनएच पर लेट गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति बिगड़ती देख एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को कुलपति की गाड़ी से दूर रखने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के खिलाफ ‘गो बैक’ समेत कई नारे लगाए।

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन
कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व एआईएसएफ जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार के नेतृत्व में लेफ्ट छात्र संगठनों ने किया। छात्रों ने आउटसोर्सिंग बहाली में कथित अनियमितताओं की जांच, छात्र संघ चुनाव कराने और ऑनलाइन आवेदन के बावजूद नामांकन से वंचित छात्रों का नामांकन सुनिश्चित करने की मांग की।
छात्रों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं कुलपति के सामने रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बातचीत का पर्याप्त मौका नहीं मिला। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के काफिले को रोकने की कोशिश की।
जल्दबाजी में पूरा हुआ शिलान्यास
कार्यक्रम दोपहर करीब दो बजे निर्धारित था, लेकिन कुलपति लगभग दो घंटे की देरी से पावर हाउस के पास कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही विरोध शुरू हो गया। हंगामे के बीच कुलपति ने शिलान्यास की औपचारिकता पूरी की और वहां से रवाना हो गए।
कार्यक्रम में एक तरफ लेफ्ट, राजद समेत अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ता विरोध करते दिखे, जबकि एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों को कुलपति तक पहुंचने से रोकते नजर आए। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की के बाद तनाव की स्थिति बन गई।
जीडी कॉलेज के ओल्ड हॉस्टल कैंपस में फॉरेन लैंग्वेज, दिनकर चेयर रिसर्च सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर विकसित करने की योजना के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी जमीन पर जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा भवन बनाए जाने की चर्चा भी सामने आई थी, हालांकि इस संबंध में संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी और कार्यक्रम के संयोजक से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। इस घटना ने बेगूसराय में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्र संगठनों के असंतोष को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
@MUSKAN KUMARI






