डिजिटल अपराधों पर नकेल कसने के लिए गृह विभाग का बड़ा प्रशासनिक फैसला
पटना। बिहार में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के लिए गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अभिरक्षा शाखा से 167 सिपाहियों का एक साथ तबादला कर उन्हें साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना में तैनात किया गया है। पुलिस विभाग में इसे केवल प्रशासनिक फेरबदल नहीं बल्कि राज्य की डिजिटल सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
गृह विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या-10/पी0-3-10-03/2025 दिनांक 04.10.2025 के अनुसार यह स्थानांतरण बिहार पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर किया गया है। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन फ्रॉड, यूपीआई ठगी, फिशिंग, हैकिंग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया आधारित अपराधों में लगातार बढ़ोतरी के कारण साइबर इकाई को अतिरिक्त जनशक्ति की तत्काल आवश्यकता थी।
आदेश के तहत अभिरक्षा अपराध इकाई, बिहार, पटना में कार्यरत 167 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई में भेजा गया है। इसमें कई कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें नई जिम्मेदारियों के साथ साइबर जांच कार्य में लगाया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस फैसले से साइबर अपराधों की जांच में तेजी आएगी। डिजिटल सबूतों के विश्लेषण, ऑनलाइन अपराधियों की पहचान और तकनीकी जांच प्रक्रिया को पहले से अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा। विभाग का मानना है कि साइबर अपराध अब पारंपरिक अपराधों से कहीं अधिक जटिल और तकनीकी हो चुके हैं, इसलिए विशेषीकृत इकाइयों को मजबूत करना समय की मांग है।
गृह विभाग ने संबंधित कार्यालयों को निर्देश दिया है कि सभी स्थानांतरित कर्मियों को बिना विलंब मुक्त किया जाए और उन्हें नई इकाई में योगदान सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही पुलिस मुख्यालय को अनुपालन रिपोर्ट भेजने का भी आदेश दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल इंडिया के विस्तार के साथ साइबर खतरों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बिहार पुलिस का यह कदम राज्य की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर यह भी तय किया गया है कि नई इकाई में तैनात कर्मियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण और साइबर जांच की विशेष दक्षता प्रदान की जाएगी।
पुलिस विभाग के भीतर इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई अधिकारी इसे भविष्य की सुरक्षा नीति की मजबूत नींव बता रहे हैं। माना जा रहा है कि 167 सिपाहियों की यह तैनाती आने वाले समय में साइबर अपराधियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है और आम लोगों को ऑनलाइन ठगी से राहत दिलाने में मदद करेगी।
@MUSKAN KUMARI






