मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव समेत सभी विभागों के मंत्री उपस्थित रहे। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 47 एजेंडों को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में सरकार का फोकस राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा। विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट की बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने बिहार के पांच जिलों में नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, नवादा में एस.ए. विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय, औरंगाबाद में सीतयोग विश्वविद्यालय तथा सिवान में एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

सरकार का मानना है कि इन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले विद्यार्थियों के पलायन को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ने से राज्य में शैक्षणिक निवेश, रोजगार के अवसर और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने इसे बिहार के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।
@MUSKAN KUMARI





