बिहार सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और चीनी उद्योग को मजबूती देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘बीज विकास योजना’ और ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ को मंजूरी दे दी गई।
बीज विकास योजना के तहत सत्यापित बीज उत्पादन करने वाले सामान्य वर्ग के किसानों को ₹260 प्रति क्विंटल तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को ₹310 प्रति क्विंटल का अनुदान मिलेगा। वहीं आधार बीज उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम ₹70,000 और प्रजनक बीज उत्पादन के लिए ₹2.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सरकार गन्ने की खेती में आधुनिक ‘सिंगल बड’ तकनीक को भी बढ़ावा दे रही है। इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम ₹15,000 का विशेष अनुदान मिलेगा, जिससे कम बीज में अधिक उत्पादन और लागत में कमी आएगी।

इसके अलावा 34.60 करोड़ रुपये की गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत 3,218 आधुनिक कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे और राज्य में 80 यंत्र बैंक (कस्टम हायरिंग सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। सामान्य वर्ग के किसानों को कृषि यंत्रों पर 40% तथा SC, ST और EBC वर्ग के किसानों को 50% तक अनुदान मिलेगा। फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों पर 75%, बीज उपचार यंत्रों पर 80% और यंत्र बैंक की स्थापना के लिए अधिकतम ₹8 लाख तक की सहायता दी जाएगी।
दोनों योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। किसान केन केयर पोर्टल और कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। सत्यापन के बाद अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से गन्ने की उत्पादकता, चीनी रिकवरी और किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
@MUSKAN KUMARI






