फर्जी लोन ऐप के जाल में जनता, बिहार में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़—5 गिरफ्तार

फर्जी लोन ऐप गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, 5 गिरफ्तार
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार की बड़ी सफलता
पटना। बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने ऑनलाइन ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी लोन ऐप के जरिए ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में शेखपुरा जिले से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पुलिस मुख्यालय, बिहार को गुप्त सूचना मिली थी कि शेखपुरा जिले में फर्जी लोन ऐप के माध्यम से आम नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक (साइबर) के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी
गठित टीम ने साइबर थाना शेखपुरा एवं एसटीएफ के सहयोग से 03 फरवरी 2026 को शेखपुरा जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान साइबर ठगी में संलिप्त संगठित गिरोह का खुलासा हुआ और मौके से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
इस संबंध में साइबर थाना शेखपुरा में कांड संख्या 07/26 (दिनांक 03.02.2026) दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 318(2), 318(4), 319(2), 336(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभियुक्त फर्जी लोन ऐप को वैध और भरोसेमंद ऐप के रूप में प्रस्तुत करते थे। मोबाइल कॉल, मैसेज और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों को संपर्क कर तत्काल लोन उपलब्ध कराने का झांसा दिया जाता था।
लोन स्वीकृति के नाम पर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, केवाईसी चार्ज और अन्य शुल्क ऑनलाइन वसूले जाते थे। भुगतान मिलने के बाद न तो लोन दिया जाता था और न ही कोई वैध डिजिटल सेवा। दोबारा संपर्क करने पर पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।
फर्जी सिम और डिजिटल ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल
अपनी पहचान छिपाने के लिए अभियुक्त फर्जी/अवैध सिम कार्ड और कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे। ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था।
बरामद सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की—
स्मार्ट मोबाइल फोन – 05
सिम कार्ड – 19
फर्जी लोन ऐप से संबंधित डिजिटल डेटा
फर्जी सिम निर्माण से जुड़ी सामग्री
डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच जारी है, जिसके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पूरे नेटवर्क में शामिल दोषियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता से अपील
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अवैध या संदिग्ध ऑनलाइन लोन ऑफर के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें।
:: आम लोगों के सहयोग के लिए बिहार पुलिस सदैव तत्पर है ::

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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