पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के संरेखण (अलाइनमेंट) में बदलाव की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भी इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए ऐसी रिपोर्टों को तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया था कि समस्तीपुर जिले में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव किया गया है। हालांकि पथ निर्माण विभाग ने इन दावों का स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 48+000 से 53+000 के बीच संरेखण में किसी प्रकार का बदलाव या विचलन नहीं किया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी उसी मूल संरेखण के अनुसार चल रही है, जिसे पहले स्वीकृति मिली थी।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रूट सामाजिक-आर्थिक पहलुओं, तकनीकी व्यवहार्यता और भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के आधार पर निर्धारित किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं की उच्चस्तरीय समिति ने विस्तृत समीक्षा के बाद 15 जनवरी 2025 को इस रूट को अंतिम मंजूरी दी थी।
सचिव ने कहा कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में रूट बदलने के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 6 मार्च 2026 को जारी 3ए अधिसूचना भी उसी मूल स्वीकृत संरेखण पर आधारित है।

पथ निर्माण विभाग के अनुसार, एक्सप्रेसवे के कारण किसी शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचाने का दावा भी गलत है। केएसआर कॉलेज का मुख्य भवन पूरी तरह सुरक्षित है और केवल उसकी कुछ खाली भूमि ही अधिग्रहण के दायरे में आ रही है।
विभाग ने यह भी बताया कि वर्तमान रूट तय करते समय मानवीय विस्थापन को न्यूनतम रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मौजूदा संरेखण से केवल 65 आवासीय और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित होंगे, जबकि वैकल्पिक रूट अपनाने की स्थिति में 200 से अधिक भवनों के प्रभावित होने की संभावना थी।
राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। साथ ही लोगों से भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।
@MUSKAN KUMARI





