पटना: राजधानी पटना के जीरो माइल चौराहा पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम के मामले में पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले में संयुक्त हलफनामा दाखिल करने का आदेश देते हुए जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित कदमों की जानकारी देने को कहा है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने कोर्ट को बताया कि जीरो माइल चौराहा के पूर्वी छोर पर लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है।

बड़े वाहनों की पार्किंग से बढ़ रही परेशानी
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और बड़े वाहनों की गलत तरीके से पार्किंग के कारण जीरो माइल पर जाम की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों और रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है।
याचिकाकर्ता ने बताया कि समस्या को लेकर संबंधित वरीय अधिकारियों को पहले भी जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी के बाद स्थायी समाधान की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई।
पटना में ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि ट्रैफिक जाम की समस्या सिर्फ जीरो माइल तक सीमित नहीं है। राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत पटना के कई इलाकों में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़कों पर गड्ढों और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि शहर में फ्लाईओवर और नई सड़कों के निर्माण के साथ ट्रैफिक व्यवस्था में कई बदलाव किए गए, लेकिन जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
कोर्ट ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता एसडी संजय को मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। साथ ही संयुक्त हलफनामे में जाम की समस्या के समाधान के लिए उठाए जाने वाले प्रस्तावित कदमों की जानकारी देने को कहा है।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।
@MUSKAN KUMARI





